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Swift Horses Sharp Swords: Medieval battles which shook India (Hindi)

Sold By:   Cosmic Gyaan
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Short Descriptions

यह पुस्तक मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित है और 711 से 1192 CE तक इस्लामी आक्रमणों के कारणों की जांच करती है। यह भारत में इतिहास लेखन में मार्क्सवादी इतिहासकारों के आधिपत्य को चुनौती देती है और भारतीय इतिहास पर एक तीक्ष्ण, वैकल्पिक और भारतीय दृष्टिकोण प्रदान करती है।

 

यह कश्मीर इतिहास के कुछ अनछुए पहलूओं का भी विवरण करती है। इसमे वैदिक काल, इतिहास, वर्तमान, युद्धकला और शस्त्रों-शास्त्रों का अनूठा समावेश है।

More Information

ISBN 13 9789355788269
Book Language Hindi
Binding Paperback
Total Pages 483
Release Year 2022
Translated by Swati Agarwal
Author Amit Agarwal
Category History of Ancient India   Indian History   Ancient History  
Weight 450.00 g
Dimension 15.24 x 22.86 x 2.64

Details

यह पुस्तक दुनिया की सबसे खूनी युद्धों के बारे में एक पूर्वाग्रह रहित अंदरूनी दृष्टिकोण है। सन 700 तक, भारत विज्ञान, खगोल विज्ञान, साहित्य और वास्तुकला में शानदार प्रगति करते हुए सुनहरे दौर से गुजर रहा था और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही थी। फिर शुरू हुआ हंगामा। पहले अरबों ने और फिर तुर्कों ने आक्रमण किया। उसके बाद अफगान आए। फिर कोई और। भारत से धन लूटने के लिए वस्तुतः होड़ मच गई थी। ऐसा नहीं था कि भारत पर पहले हमला नहीं हुआ था। सेमीरामी से लेकर डेरियस तक, सिकंदर से लेकर कुषाणों से लेकर हूणों तक, सभी ने आक्रमण किया, लेकिन अंत में वे भारत के विशाल हृदय में आत्मसात हो गए। लेकिन मुस्लिम हमले अलग थे, जिसके लिए भारत बिल्कुल भी तैयार नहीं था। ये वो हमले थे, जिन्होंने देश की दिशा बदल दी।
 
 
भारत कुछ ही समय में मुसलमानों की एक जागीर में परिवर्तित हो गया और दासों और धन की कभी न खत्म होने वाली आपूर्ति का स्रोत बन गया। तुर्कों की भारत में इतनी दिलचस्पी क्यों थी? भारत पर आक्रमण करने के लिए उनके बीच एक होड़ क्यों थी? भारत के पास ऐसा क्या था या क्या नहीं था जिसने इतने क्रूर आक्रमणकारियों को आकर्षित किया? उन्होंने पूरे शहर के शहर क्यों जला दिये और जीत के बाद पूरी आबादी का सफाया क्यों कर दिया? वे बेशुमार धन और कौशल होने के बावजूद आक्रमणों को रोकने के लिए चीन की दीवार जैसा कुछ बनाने के बारे में क्यों नहीं सोच सके? क्योंकि हिंदुओं के लिए यह एक खेल जैसा था, जबकि तुर्कों के लिए यह एक युद्ध था, एक खूनी युद्ध था। जिसको किसी भी कीमत पर जीतना था। यह उन वीर हिन्दू योद्धाओं की कहानी है जिन्होंने वीरतापूर्वक उनका मुकाबला किया।
 
राजा दाहिर। ललितादित्य। पुलकेशिन। नायकी देवी। जयपाल। सुहेल देव। पृथ्वीराज।
 
और यह सूची खत्म ही नहीं होती।
 
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