Raktranjit Bharat: Chaar Aakranta,Hazar Ghaav

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₹349.00₹314.00

Short Descriptions

बिनय कुमार सिंह की रक्तरंजित भारत: चार आक्रान्ताहजार घाव आज के भारत में यहाँ की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता एवं परम्पराओं के विरुद्धतथा आज के आधुनिक युग में प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ते हुए कदमों को वो कौन सी चौकड़ी है जो इन प्रयासों पर पानी फेरना चाह रही हैइसका तथ्यपरक विवरण एवं विश्लेषण है। ये शक्तियाँ हैंइस्लामिक आतंकवादईसाई इंजीलवाद (Evangelism), वामपंथ और मीडिया-एनजीओ-मानव-अधिकार संगठनों का गठजोड़।

 

More Information

ISBN 13 978-1942426790
Book Language Hindi
Binding Paperback
Total Pages 236
Release Year 2021
Authors Binay Kumar Singh  
Publishers Garuda Prakashan  
Category Freedom & Security Books  
Weight 260.00 g
Dimension 14.00 x 22.00 x 2.00

Details

 

भारत और आस-पास के देशों पिछले कुछ वर्षों में हुई छः घटनाओं की गहरी पड़ताल, तथा इन संगठनों को भारत के बाहर से मिलने वाली आर्थिक सहायता और इन सभी शक्तियों के आपस में जुड़े होने के प्रमाण के साथ, लेखक ने स्पष्ट किया है कि भारत को अपनी ही सीमाओं के अंदर किनसे खतरा है; और हमें किनसे सचेत रहना चाहिए। ये घटनाएँचाहे वो पीएफआई (PFI) की गतिविधियाँ हो, झारखंड में पथलगड़ी हो, या फिर श्री लंका में हुए बम धमाकेएक दूसरे से अलग दिखते भी अलग-अलग नहीं है।

 

 ये पुस्तक बिनय जी लोकप्रिय अंग्रेजी पुस्तक Bleeding India: Four Aggressors, Thousand Cuts का हिंदी संस्करण है।

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Reviews

Arvind

Real fact in this book, Hindi addition will aware more people
Review by - Singh, November 09, 2021

सच्चाई

यह एक अच्छी किताब है । जो भारत के अंदर के गद्दारो और अंतराष्ट्रीय साजिस को दर्साता है ।
Review by - Avadhesh Singh, March 15, 2022
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